नाजनीन दीदी से मुलाकात
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नाजनीन दीदी से मुलाकात

लेखक – डॉ. संगीता झा गार्गी के पिता पेशे से वकील थे और उनके एक बहुत खास मित्र थे पाशा अंकल। जब भी गर्ग साहब रायपरु आते पाशा अकंल से जरूर मिलत। एक बार तो इन चारां सखियों को लेकर पाशा अंकल के यहां गए। वहां उनके यहां तो जैसे एक मिनी जू था। तोते, रंगीन […]

कुछ खट्टी कुछ मीठी
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कुछ खट्टी कुछ मीठी

लेखक – डॉ संगीता झा हास्टल के दरवाजे पर जूनियर्स का स्वागत करने के लिए हास्टल में रहने वाली सीनियर्स के अलावा डे स्कालर्स (घर से कालेज आने वाले) सीनियर लड़कियां भी थीं। सबकी जुबान पर बस एक नाम था सुनीति चौहान। जो भीड़ में सिर झुकाए खड़ी जरूर थी, पर अपने कुरते से अपनी सुड […]