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देखती है दीठ

हँस रही है वधू-जीवन तृप्तिमय है प्रिय-वदन अनुरक्त यह उसकी विजय है गेह है, गति है, गीत है, लय है, प्रणय है : सभी कुछ है। देखती है दीठ- लता टूटी, कुरमुराता मूल में सूक्ष्म भय का कीट। ————————-   मूल नाम : सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन जन्म : 7 मार्च 1911, कुशीनगर, देवरिया (उत्तर प्रदेश) […]

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जन्म-दिवस

मैं मरूँगा सुखी क्योंकि तुमने जो जीवन दिया था- (पिता कहलाते हो तो जीवन के तत्त्व पाँच चाहे जैसे पुंज बद्ध हुए हों, श्रेय तो तुम्हीं को होगा-) उससे मैं निर्विकल्प खेला हूँ- खुले हाथों उसे मैंने वारा है- धज्जियाँ उड़ाई हैं। तुम बड़े दाता हो : तुम्हारी देन मैंने नहीं सूम-सी सँजोयी; पाँच ही […]

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ऋतुराज

शिशिर ने पहन लिया वसंत का दुकूल गंध वह उड़ रहा पराग धूल झूल, काँटों का किरीट धारे बने देवदूत पीत-वसन दमक उठे तिरस्कृत बबूल अरे ऋतुराज आ गया। पूछते हैं मेघ, ‘क्या वसंत आ गया?’ हँस रहा समीर, ‘वह छली भुला गया!’ किंतु मस्त कोपलें सलज्ज सोचतीं ‘हमें कौन स्नेह स्पर्श कर जगा गया?’ […]

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राग चिरंतन भोर वितान

लेखक – अशोक गुप्ता शाम तीन बज कर बीस मिनट हो ही रहे है की गली में खडंजे वाले  रास्ते  पर साइकिल की आहट होती है और  जानकी समझ जाती है की पिताजी आ पहुंचे हैं. तभी साइकिल की घंटी बजती है. यह संकेत है कि बेटा भानुप्रकाश अगर घर में होगा तो पुरुषोत्तम अग्निहोत्री के फाटक तक पहुँचने के पहले ही बाहर आ कर खड़ा हो […]

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एक बूंद सहसा उछली

लेखक – अशोक गुप्ता आँख खुलते ही उस औरत ने बिस्तर छोड़ा और उठ कर अपने कमरे की खिडकी के पास आ कर बैठ गई. बाहर सुबह का होना अभी बस शुरू ही हुआ था. धूप फैलने की दस्तक अभी दूर थी, बस परिंदों ने पेड़ों पर अपनी गुंजन भरी कवायद शुरू कर दी थी. उस औरत का कमरा मकान की दूसरी मंजिल पर था.कमरे के दरवाज़े के सामने दालान था और फिर एक सहन, जिसके एक कोने से सीढियां नीचे उतरती थीं. कमरे की खिड़की मकान के पिछवाड़े एक मैदान की तरफ खुलती थी जो कहलाता तो पार्क था लेकिन था नहीं, फिर […]

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Penalty (Jurmana)

Author – Premchand Munshi Khairat Ali Khan was the inspector of Sanitation and hundreds of sweeper women depended on him. He was good-hearted and well thought of–not the sort who cut their pay, scolded them or fined them. But he went on regularly rebuking and punishing Alarakkhi. She was not a shirker, nor saucy or slovenly; she was […]

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Catastrophe (Vidhwans)

Author – Premchand In Banaras District there is a village called Bira in which an old, childless widow used to live. She was a Gond woman named Bhungi and she didn’t own either a scrap of land or a house to live in. Her only source of livelihood was a parching oven. The village folk customarily […]

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How To Fulfill Our Desires?

Author – Dr. Shalini Agam Every human has some aspirations which develop in his eyes just like a dream. But are they ever fulfilled? Perhaps not. Now let me tell you how to fulfill your dreams? Think and analyse what you expect from your life. Strength, wisdom, calmness, courage, name and fame, best health, peace in […]