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किसी की आँखों का नूर हूँ… यह ग़ज़ल किसने लिखी ?

पिछले दिनों नई दिल्ली में जावेद अख्तर ने पांच भागों में संग्रहीत मुज्तर खैराबादी की रचनाओ के संकलन ‘ खिरमन ‘ का विमोचन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हाथों करवाया। इसमें बाकायदा ‘ न किसी की आँख का नूर हूँ ‘ ग़ज़ल को शामिल किया गया हैं। अब उर्दू साहित्य के विद्यार्थियों के सामने यह दुविधा […]

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आहुति

लेखक – प्रेमचंद आनन्द ने गद्देदार कुर्सी पर बैठकर सिगार जलाते हुए कहा-आज विशम्भर ने कैसी हिमाकत की! इम्तहान करीब है और आप आज वालण्टियर बन बैठे। कहीं पकड़ गये, तो इम्तहान से हाथ धोएँगे। मेरा तो खयाल है कि वजीफ़ा भी बन्द हो जाएगा। सामने दूसरे बेंच पर रूपमणि बैठी एक अखबार पढ़ रही […]

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कफ़न

 लेखक – प्रेमचंद झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात […]

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असाध्य वीणा

आ गए प्रियंवद! केशकंबली! गुफा-गेह! राजा ने आसन दिया। कहा : ‘कृतकृत्य हुआ मैं तात! पधारे आप। भरोसा है अब मुझ को साध आज मेरे जीवन की पूरी होगी!’ लघु संकेत समझ राजा का गण दौड़े। लाये असाध्य वीणा, साधक के आगे रख उस को, हट गए। सभी की उत्सुक आँखें एक बार वीणा को […]

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डिप्टी कलक्टरी

लेखक –  अमरकांत शकलदीप बाबू कहीं एक घंटे बाद वापस लौटे। घर में प्रवेश करने के पूर्व उन्होंने ओसारे के कमरे में झाँका, कोई भी मुवक्किल नहीं था और मुहर्रिर साहब भी गायब थे। वह भीतर चले गए और अपने कमरे के सामने ओसारे में खड़े होकर बंदर की भाँति आँखे मलका-मलकाकर उन्होंने रसोईघर की […]

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Creativity help you excel

Creativity is word with wide meaning but it is very simple to be the same. Generally we mean to be an artist, a painter or a poet or a theatre artist to be a creative person. I will say big no to such meanings. Creating something new is creativity, be it art or managing life, […]

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स्वतत्रंता दिवस

स्वतंत्रता दिवस का बंद करो ये आलाप शहीदों का उपहास मत करो आप कौन सी स्वतंत्रता है किसे मना रहे हो बेवकूफ बना कर मेरा मखौल उड़ा रहे हो शर्म नहीं आती तुमको तिरंगा लहरा रहे हो किसलिए यूं झूठी खुशियां मना रहे हो अंग्रेजों के चले जाने के इतने सालों बाद भी तुमने मेरा […]

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My Creepy Encounters

It happened in the last rainy season. The time when all these creepy crawlies come out of their hideouts to scare the wits out of poor souls like me. I was peacefully sitting on my bed and was lost in the literary wonder of Ruskin Bond’s ‘Room on the roof’, when this unwanted, ghastly intruder […]

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Waiting For Food

एक गरीब FAMILY थी..! जिस मे 5 लोग थे…। माँ बाप और 3 बच्चे, बाप हमेशा बीमार रहता था । एक दिन वो मर गया । 3 दिन तक पड़ोसियों ने खाना भेजा । बाद में भूखे रहने के दिन आ गए..। माँ ने कुछ दिन तक जैसे-तैसे बच्चों को खाना खिलाया । लेकिन कब तक आखिर फिर से भूखे रहना पड़ा । जिस की वजह […]