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पहला दौंगरा

गगन में मेघ घिर आए। तुम्हारी याद स्मृति के पिंजड़े में बाँधकर मैंने नहीं रखी तुम्हारे स्नेह को भरना पुरानी कुप्पियों में स्वत्व की मैंने नहीं चाहा। गगन में मेघ घिरते हैं तुम्हारी याद घिरती है उमड़कर विवश बूँदें बरसती हैं तुम्हारी सुधि बरसती है- न जाने अंतरात्मा में मुझे यह कौन कहता है तुम्हें […]

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कवि, हुआ क्या फिर

कवि, हुआ क्या फिर तुम्हारे हृदय में यदि लग गई है ठेस? चिड़ी दिल की जमा लो मूँठ पर (ऐहे, सितम, सैयाद!) न जाने किस झरे गुल की सिसकती याद में बुलबुल तड़पती है न पूछो दोस्त, हम भी रो रहे हैं लिए टूटा दिल। (‘मियाँ, बुलबुल, लड़ाओगे?’) तुम्हारी भावनाएँ जग उठी हैं। बिछ चलीं […]

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Reality of Life

Author – Dr. Shalini Agam When a garland of beads get broken and all the beads get scattered here and there, we try to collect them all and check whether any bead is missing by counting again and again. But nobody cares about the pieces of broken heart of others. We are ready to wipe the […]