यह दीप अकेला स्नेह भरा

है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।

यह जन है : गाता गीत जिन्हें फिर और कौन गाएगा?

पनडुब्बा : ये मोती सच्चे फिर कौन कृती लाएगा?

यह समिधा : ऐसी आग हठीला विरला सुलगाएगा।

यह अद्वितीय : यह मेरा : यह मैं स्वयं विसर्जित :

यह दीप अकेला, स्नेह भरा

है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।

यह मधु है : स्वयं काल की मौना का युग संचय

यह गोरस : जीवन कामधेनु का अमृत-पूत पय,

यह अंकुर : फोड़ धरा को रवि को तकना निर्भय,

यह प्रकृत, स्वयंभू, ब्रह्म, अयुत : इसको भी शक्ति को दे दो।

यह दीप अकेला, स्नेह भरा

है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।

यह वह विश्वास नहीं, जो अपनी लघुता में भी काँपा,

वह पीड़ा, जिसकी गहराई को स्वयं उसी ने नापा;

कुत्सा, अपमान, अवज्ञा के धुँधुआते कड़वे तम में

यह सदा द्रवित, चिर जागरूक, अनुरक्त नेत्र।

उल्लंब-बाहु, यह चिर अखंड अपनापा।

जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय, इसको भी भक्ति को दे दो :

यह दीप अकेला, स्नेह भरा

है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो

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सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायनमूल नाम : सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन

जन्म : 7 मार्च 1911, कुशीनगर, देवरिया (उत्तर प्रदेश)
भाषा : हिंदी, अंग्रेजी
विधाएँ : कहानी, कविता, उपन्यास, निबंध, नाटक, यात्रा वृत्तांत, संस्मरण
मुख्य कृतियाँ
कविता : भग्नदूत, चिंता, इत्यलम्, हरी घास पर क्षण भर, बावरा अहेरी, इंद्रधनु रौंदे हुए ये, अरी ओ करुणा प्रभामय, आँगन के पार द्वार, पूर्वा, सुनहले शैवाल, कितनी नावों में कितनी बार, क्योंकि मैं उसे जानता हूँ, सागर-मुद्रा, पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ, महावृक्ष के नीचे, नदी की बाँक पर छाया, ऐसा कोई घर आपने देखा है (हिंदी) प्रिज़न डेज़ एंड अदर पोयम्स (अंग्रेजी)
उपन्यास : शेखर : एक जीवनी, नदी के द्वीप, अपने अपने अजनबी, बीनू भगत
कहानी संग्रह : विपथगा, परंपरा, कोठरी की बात, शरणार्थी, जयदोल, ये तेरे प्रतिरूप
यात्रा वृत्तांत : अरे यायावर रहेगा याद, एक बूँद सहसा उछली
निबंध : सबरंग, त्रिशंकु, आत्मपरक, आधुनिक साहित्य : एक आधुनिक परिदृश्य, आलवाल, संवत्सर
संस्मरण : स्मृति लेखा
डायरी : भवंती, अंतरा, शाश्वती
नाटक : उत्तरप्रियदर्शी
अनुवाद : गोरा (रवींद्रनाथ टैगोर – बाँग्ला से)
संपादन : तार सप्तक (तीन खंड), पुष्करिणी, रूपांबरा (सभी कविता संकलन), सैनिक, विशाल भारत, प्रतीक, दिनमान, नवभारत टाइम्स (हिंदी), वाक्, एवरीमैंस (अंग्रेजी)
सम्मान
साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार
निधन
4 अप्रैल 1987